लोजपा के इस सांसद से बिहार शर्मशार, 15 साल पहले छत्तीसगढ़ में किया था किडनैप, सांसद बनने के बाद करना पड़ा सरेंडर,पुलिस ने लिया रिमांड पर

rama singhविशेष संवाददाता, दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
पेट्रोल व्यावसायी के अपहरण कांड में 15 बरस बाद सांसद बनने के बाद कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने उसे आत्मसमर्पण के लिए एक माह का समय दिया था। 7 जून को यह अवधि पूरी होने वाली थी। आरोपी सांसद को 7 दिन के पुलिस रिमांड पर दिया गया है। ज्ञात हो कि 29 मार्च 2001 को कुम्हारी के पेट्रोल पंप  व्यवसायी जयचंद वैद्य का कुम्हारी व रायपुर के बीच अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने बिहार के माफिया सरगना उपेंद्र सिंह उर्फ काबरा सहित 12 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। जिसमें रामकिशोर उर्फ रामा सिंह भी शामिल था। उस समय रामा सिंह बिहार में विधायक था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। असल में अपहृत जयचंद वैद्य की कार पुलिस ने रामा सिंह के घर बरामद की थी। जिसके चलते प्रकरण में उसे आरोपी बनाया गया। इस मामले के 10 आरोपियों को दुर्ग न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। दो आरोपी रामा सिंह व भगवंतीन बाई फरार चल रहे थे। फरारी के दौरान ही रामा सिंह वैशाली बिहार से लोजपा सांसद चुने गए। इस पूरे मामले को बिहार के ही राकेशसिंह ने याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाया। जिस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुति की। इसके बाद रामा सिंह को 7 जून तक दुर्ग न्यायालय में आत्मसमर्पण के निर्देश दिए गए।  इधर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रामा सिंह के आत्मसमर्पण को लेकर जिले में तरह-तरह की चर्चा होती रही। उसके आत्मसमर्पण की संभावना के चलते पिछले तीन दिन से जिला न्यायालय में पुलिस बल तैनात करके रखा गया था। अंतत: रामा सिंह मंगलवार दोपहर 12 बजे दुर्ग के न्यायाधीश संघमित्रा भतपहरी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। rama singh membar of parliyament from vaishali bihar sarender in durg court in an 15 year old kidnap case in chhattisgarhरामा सिंह के संबंध में उच्च न्यायालय से नाट फार एक्सशन का आदेश प्राप्त था। जिसके चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया और वह पुलिस की मौजूदगी में ही न्यायालय पहुंचा। उनके साथ पटना से अधिवक्ता आरबी सिन्हा व उच्च न्यायालय बिलासपुर के अधिवक्ता विनय दुबे व आनंद वर्मा भी पहुंचे थे। उसके आत्मसमर्पण के बाद न्यायालय ने कुम्हारी पुलिस को तलब किया। रामा सिंह की तरफ से उसके स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानता याचिका प्रस्तुति की गई। वहीं पुलिस ने जयचंद वैद्य के हीरे की अंगूठी की बरामदगी व अन्य साक्ष्य जुटाने 20 जून तक पुलिस रिमांड पर देने आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए आरोपी सांसद रामा सिंह को 7 दिन तक पुलिस रिमांड देने का आदेश किया है। सांसद रामा सिंह के आत्मसमर्पण को लेकर दोपहर से देर शाम तक न्यायालय में गहमागहमी बनी रही। पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।






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