गया नक्सली हमले में सीवान का लाल शहीद, पूका फार कर रो रहे हैं घरवाले, गांव में भी मातम
नवीन सिंह परमार, सीवान
शहीदों के मजारों पर लगगें हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का बाकि यही निशां होगा.. यह पंक्तिया सिवान जिले के असांव थाने के करदरा गाँव में उस समय गूंजने लगी कि जब गया व औरंगाबाद के सीमावर्ती इलाके डुमरी नाला के पास सोनदाहा के जंगल में सोमवार की दोपहर बाद कोबरा बटालियन के जवानों और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में सिवान जिले के असांव थाने के करदरा गाँव के मिथिलेश कुमार सिंह के 25 वर्षीय पुत्र रवि कुमार की शहीद होने की सुचना मिली सूचना पाकर शहीद की पत्नी नर्मता सिंह, भाई रितेश कुमार सिंह, पिता मिथिलेश कुमार सिंह समेत पूरा परिवार दहाड़ मार रोने बिलखने लगे परिजनों के ह्रदय विदारक चीत्कार की आवाज सुन क्या बूढ़े, क्या नौजवान, एका एक शहीद के घर के तरफ दौड़ पड़े। उपस्थित लोगों ने भी परिजनों की चीत्कार सुन अपनी अपनी आंसू को नहीं रोक पाए।
ज्ञात हो कि शहीद जवान रवि कुमार की बहाली 2010 को कोबरा बटालियन में हुई थी। हाल ही में 9 जुलाई को अपने घर से ड्यूटी पर गए थे कि अचानक सोमवार की देर रात्रि उनके शहीद होने के खबर आई। शहीद रवि कुमार की शादी सन 2012 में असांव थाने के सिउडी गाँव में हुई थी। अभी उनकी एक भी संतान नहीं है। बताते चले की नक्सलियों के खिलाफ गया व औरंगाबाद पुलिस की ओर से सोमवार को संयुक्त सर्च अभियान चलाया जा रहा था, जब जवानों डुमरी नाला से आगे सोनदाहा जंगली इलाके में पहुंचे तो जंगल की ओर से करीब एक घंटे तक सैंकड़ों चक्र गोलियां चली इस दौरान कोबरा के जवान शहीद हुए।
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